वर्तमान सरकार में सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ व्यापारी
व्यापार मंडल भी एक गुलदस्ता टीम बनकर रह गए: पूर्व सभासद भूपाल

नैनीताल। सरोवर नगरी में वर्तमान सरकार में सबसे ज्यादा प्रभावित व्यापारी हुआ है। यह कहना है पूर्व सभासद नगर पालिका परिषद व सदस्य व्यापार मंडल नैनीताल भूपाल सिंह कार्की का उन्होंने कहा मुख्य रूप से छोटा व्यापारी पिछले कुछ दिनों से जहां गैस आपूर्ति और कमर्शियल सिलेंडर बिल्कुल प्रतिबंधित कर दिए गए हैं कई अनिताएं और भ्रष्टाचार का जन्म हो रहा है यह शासन प्रशासन की नाकामी है सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करना व्यापारियों को सहयोग करना शासन प्रशासन का काम है। शासन प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में असफल हो रहा है। छोटे व्यापारियों का कारोबार ठप कर क्या असामाजिक तत्वों से निजात दिलाई जा सकती है। नैनीताल में बड़े-बड़े व्यापार मंडल है नैनीताल का व्यापार मंडल भी शायद एक गुलदस्ता टीम बनकर रह गए हैं जिनका काम केवल अधिकारियों का स्वागत करने तक सीमित है नैनीताल और पूरे प्रदेश देवभूमि के व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा है किसी भी व्यापार मंडल ने अभी तक व्यापारियों के हित में कोई आवाज नहीं उठाई।प्रैक्टिकल में कुछ नहीं हो रहा है हमारे स्थानीय दुकानदारों के पास यह रोजगार के लिए आते हैं और साथ ही नशे का प्रचार अराजकता पर्यटकों और स्थानीय लोगों के साथ अराजकता करते हैं जिनका सत्यापन ना ही प्रतिष्ठान स्वामी ने कराया है और ना ही यह स्वयं करते हैं इनका इतिहास और वेरिफिकेशन सत्यापन अगर उनके ही शेरों से और नजदीकी थानों से मंगाया जाए तो कई इतिहास अपराधिक इनके खुलकर सामने आएंगे इसमें भी पूर्ण रूप से हमारा पुलिस प्रशासन नाकाम है कुछ समय पहले इन्होंने चला ली भीम करी थी और मेरा और इस नैनीताल वीडियो का मानना है की चलन ही इसका वास्तविक समाधान नहीं है इनका सत्यापन उनके गृह क्षेत्र से होना चाहिए साथ ही जब तक यह पूरे सत्यापन का और अपना चरित्र प्रमाण लेकर ना आए इनको नैनीताल क्या उत्तराखंड के किसी भी शहर में रोजगार से वंचित किया जाए जिससे कि स्थानीय युवाओं का हक दिया जाएऔर पलायन रोका जा सके। भूपाल ने कहा आज मैं व्यापारियों की आवाज बनकर सामने आया हूं। क्योंकि मैं भी एक व्यापारी हूं और मेरे साथ-साथ कई लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है इस बात को नैनीताल के शासन प्रशासन को भी समझना है आओ मिलकर एकजुट होकर एक आवाज बने जिससे देवभूमि उत्तराखंड में आने वाले पर्यटकों को भी सुविधा मिल सके एवं रात्रि में खानपान से संबंधित सामग्री उन्हें आसानी से प्राप्त हो सके।




















