मंगोली में शराब की दुकानों के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन यथावत

नैनीताल । नैनीताल के मंगोली क्षेत्र में प्रस्तावित दो शराब की दुकानों को लेकर विरोध तेज हो गया है, स्थानीय महिलाओं ने सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सडक़ों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है और अब आंदोलन उग्र रूप लेता दिखाई दे रहा है। आंदोलित महिलाओं का कहना है कि वह सांसद अजय भट्ट के आश्वासन पर आंदोलन खत्म नहीं करेंगे,कहा कि जब तक सांसद उन्हें लिखित रुप में शराब की दुकानें न खोलने की बात करेंगे तभी आंदोलन खत्म होगा।
बता दें मंगोली में अंग्रेजी और बजनू में देशी शराब की दुकान खुलने के विरोध में रविवार को आठवें दिन भी बड़ी संखया में महिलाएं एकत्रित होकर सडक़ पर उतरीं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में क्षेत्र में शराब की दुकान नहीं खुलने दी जाएगी। महिलाओं का कहना है कि इससे क्षेत्र का सामाजिक माहौल बिगड़ेगा और युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही ग्राम प्रधान प्रेम मेहरा ने कहा कि यदि सरकार ने अपने निर्णय को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सांसद की ओर से दिए गए आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त नहीं किया जाएगा जब तक हमें लिखित रूप से पत्र नहीं दिया जाएगा तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में पहले से ही बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याएं गंभीर हैं ऐसे में शराब की दुकानें खोलना समाज को और नुकसान पहुंचाने वाला कदम है। उन्होंने सरकार से मांग की कि शराब की दुकानों के बजाय क्षेत्र में रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाए। इस दौरान नीमा कनवाल, पूजा आर्य, मंजू बिस्टानिया, मुकेश मेहर, सुशाल बिष्ट, जीवन नेगी, हंसी, गौरव गोस्वामी, प्रेमा मेहरा, कीर्ति आर्य, मोहिनी कनवाल तथा राधा आदि मौजूद रही।




















