कुमाऊं विश्वविद्यालय के यूजीसी-एमएमटीटीसी द्वारा आयोजित भारतीय साहित्य और भाषा विषयक पुनश्चर्या कार्यक्रम संपन्न

नैनीताल । सरोवर नगरी में कुमाऊं विश्वविद्यालय के यूजीसी-एमएमटीटीसी द्वारा आयोजित भारतीय साहित्य और भाषा विषयक पुनश्चर्या कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हुआ।
समापन समारोह के मुखय अतिथि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि आज का यह समापन केवल एक औपचारिक पड़ाव नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण बौद्धिक यात्रा का चरण है। भाषा और साहित्य को उन्होंने समाज की चेतना, संस्कृति और इतिहास का सशक्त वाहक बताते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-२०२० के संदर्भ में मातृभाषा की केंद्रीय भूमिका पर बल दिया। साथ ही उन्होंने इसके प्रभावी क्रियान्वयन की चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। एमएमटीटीसी के सह निदेशक प्रो. रीतेश साह ने कहा कि इस पुनश्चर्या कार्यक्रम के दौरान हुए संवादए विमर्श और विचारों के आदान.प्रदान ने प्रतिभागियों में नई शैक्षणिक ऊर्जा का संचार किया है।
निदेशक प्रो. दिव्या यू. जोशी ने कहा कि लगभग पखवाड़े तक चले इस शैक्षणिक आयोजन में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, महाराष्ट्र, हरियाणा व छत्तीसगढ़, दिल्लीए बिहार एवं हिमाचल प्रदेश सहित देश के दस राज्यों से आए प्रतिभागियों ने छह विभिन्न भाषाओं के माध्यम से सक्रिय सहभागिता कीए जिससे कार्यक्रम को बहुभाषिक और बहुसांस्कृतिक आयाम प्राप्त हुआ।रिफ्रेशर कोर्स समन्वयक प्रो. एल. एम. जोशी ने कहा कि कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता देश.विदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों, विद्वानों भाषाविदों व आलोचकों एवं तकनीकी विशेषज्ञों के व्याखयान रहे। संचालन डे ऑफि सर चंद्रिका चौधरी ने किया।




















