कवयित्री महादेवी वर्मा के 119वें जन्मदिन के अवसर पर
कवि-लेखक सरबजीत गरचा देंगे बारहवां महादेवी वर्मा स्मृति देंगे व्याख्यान

नैनीताल। सरोवर नगरी के समीपवर्ती कुमाऊँ विश्वविद्यालय की रामगढ़ स्थित महादेवी वर्मा सृजनपीठ में कवयित्री महादेवी वर्मा के 119वें जन्मदिन के अवसर पर 27 मार्च को चंडीगढ़ साहित्य अकादमी से सम्मानित कवि, लेखक, संपादक, अनुवादक और प्रकाशक सरबजीत गरचा ‘समकालीन वैश्विक काव्य संसार और हिंदी : संवाद एवं अनुवाद’ विषय पर बारहवां महादेवी वर्मा स्मृति व्याख्यान देंगे। उत्कृष्ट कलाकारों के लिए भारत सरकार की फैलोशिप, ब्रिटिश काउंसिल से इंटरनेशनल पब्लिशिंग फैलोशिप प्राप्त श्री गरचा की पाँच कविता पुस्तकों में ‘आल वी हैव’ और ‘ए क्लाॅक इन द फार पास्ट’ शामिल हैं। साथ ही मराठी से अनुवादित कविताओं और हिंदी से अनुवादित गद्य का एक-एक खंड भी है। उनकी कविताओं का जर्मन, स्पेनिश , रूसी, लिथुआनियन, मलयालम, कन्नड़, मराठी, पंजाबी और हिंदी में अनुवाद हुआ है। वह दिल्ली एनसीआर स्थित एक बहुभाषी प्रकाशन कंपनी काॅपर काॅइन के संस्थापक और संपादकीय निदेशक हैं। यह जानकारी महादेवी वर्मा सृजनपीठ के निदेशक प्रो. शिरीष कुमार मौर्य ने दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चर्चित आलोचक, निबंधकार एवं अनुवादक डाॅ. सुबोध शुक्ल तथा विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी होंगे। अध्यक्षता कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत करेंगे।
पीठ समन्वयक मोहन सिंह रावत ने बताया कि कार्यक्रम के दूसरे सत्र में आमंत्रित लेखकों से प्रतिभागी प्राध्यापकों और शोधार्थी-विद्यार्थियों का परिसंवाद होगा।
उल्लेखनीय है कि महादेवी वर्मा स्मृति व्याख्यान सृजनपीठ की वार्षिक व्याख्यानमाला है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित करने वाले अति विशिष्ट साहित्यकार को पीठ द्वारा व्याख्यान हेतु आमंत्रित किया जाता है। अब तक प्रो. नामवर सिंह, प्रो. मैनेजर पाण्डेय, प्रो. केदारनाथ सिंह, प्रो. विश्वनाथ त्रिपाठी, अरूण कमल, मंगलेश डबराल, मृदुला गर्ग, प्रो. राजेन्द्र कुमार, हरीश चन्द्र पाण्डे, लीलाधर मंडलोई और देवेंद्र मेवाड़ी द्वारा महादेवी वर्मा स्मृति व्याख्यान दिए जा चुके हैं।




















