अखिल भारतीय आम हड़ताल में शामिल हुई आशा वर्कर्स

नैनीताल। सरोवर नगरी में उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने वीरवार को ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रीय मंच द्वारा आहूत अखिल भारतीय आम हड़ताल में शामिल होकर नैनीताल के तल्लीताल स्थित गांधी चौक पर प्रदर्शन कर उप जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा।
यूनियन ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत कार्यरत आशा वर्कर्स स्वास्थ्य विभाग के सभी अभियानों और सर्वे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद न तो उन्हें न्यूनतम वेतन मिलता है और न ही कर्मचारी का दर्जा। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल से लेकर विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों तक सभी जिमेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें काम के अनुरूप भुगतान नहीं मिल रहा और कई राज्यों में अलग.अलग प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ३१ अगस्त २०२१ को आशा प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के बाद मासिक मानदेय तय करने और डीजी हेल्थ के प्रस्ताव के अनुसार ११ हजार ५०० रुपये प्रतिमाह देने का आश्वासन दिया था लेकिन चार साल बाद भी यह वादा लागू नहीं हुआ। यूनियन ने केंद्र सरकार से इस वादे को तत्काल लागू कराने की मांग की। यूनियन ने चारों नए लेबर कोड वापस लेने, आशा वर्कर्स का नियमितीकरण और सममानजनक वेतन, पूरे देश में समान मानदेय, न्यूनतम वेतन व कर्मचारी का दर्जा, सेवानिवृति पर अनिवार्य पेंशन या तब तक १० लाख रुपये की एकमुश्त राशि, विभिन्न मदों के भुगतान समय पर जारी करना, अस्पतालों में सममानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना, विशेषज्ञ डाकटरों के खाली पद भरना तथा सभी अस्पतालों में आशा घर का निर्माण शामिल है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
इस दौरान चन्द्रा सती, दुगा टमटा, प्रेमा अधिकारी, भगवती शर्मा, देवकी रौतेला, नीरू पुजारी, प्रभा विष्ट, सरिता कुरिया, रमा गैड़ा, मनीषा आर्या, शांति आर्या तथा निर्मला चंद्रा आदि मौजूद रहे।




















