एमस गुवाहाटी अध्यक्ष ने राज्यपाल को भेंट की सडक़ सुरक्षा पर आधारित पुस्तक

देहरादून/नैनीताल। उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफिटनेंट जनरल गुरमीत सिंह को सडक़ सुरक्षा पर आधारित पुस्तक भारत में सडक़ दुर्घटनाएँ लोक भवन देहरादून में भेंट की गई। यह पुस्तक पद्मश्री सममानित वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन प्रो.डॉ. बीण् के. एस. संजय अध्यक्षए एमस गुवाहाटी और उनके पुत्र सह.लेखक डॉ. गौरव संजय द्वारा संयुक्त रूप से लिखी गई है।
पुस्तक में भारत में बढ़ती सडक़ दुर्घटनाओं की गंभीरता, उनके कारण, दुष्परिणाम और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई है। लेखक बताते हैं कि सडक़ हादसे केवल शारीरिक चोट तक सीमित नहीं रहते बल्कि पीडि़तों और उनके परिवारों पर मानसिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी गहरा प्रभाव डालते हैं। इसके अलावाए ट्रॉमा केयर और चिकित्सा व्यवस्था पर पडऩे वाले दबाव को भी पुस्तक में प्रमुखता से उजागर किया गया है।
पुस्तक में यातायात नियमों का कठोर पालन व सडक़ों की संरचना में सुधार, ट्रॉमा केयर सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण और जन जागरूकता अभियानों को तेज करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है साथ ही स्कूल स्तर पर सडक़ सुरक्षा शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करने और नियंत्रितए गुणवत्तापूर्ण ड्राइविंग स्कूलों की संख्या बढ़ाने की अपील भी की गई है।
इस अवसर पर प्रो.डा. बी. के. एस. संजय ने सुझाव दिया कि देशभर के एमस संस्थान सडक़ सुरक्षा जागरूकता के लिए नोडल एजेंसी की भूमिका निभा सकते हैं ताकि चिकित्सा विशेषज्ञता और जनसंपर्क क्षमता के माध्यम से सडक़ सुरक्षा को एक सामाजिक आंदोलन बनाया जा सके।
उनका मानना है कि इस कदम से सडक़ दुर्घटनाओं और इससे होने वाली मौतों में निश्चित रूप से कमी आएगी। राज्यपाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सडक़ दुर्घटनाएँ गंभीर सामाजिक चुनौती हैंए और ऐसे प्रयास समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ.साथ नीतिगत सुधारों को भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने पुस्तक को सडक़ सुरक्षा के क्षेत्र में एक समयोचित और महत्वपूर्ण योगदान बताया।




















