यूजीसी मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र मे
पांच दिनी अंतर राज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का हुआ आयोजन

नैनीताल। सरोवर नगरी में मेरा युवा भारत नैनीताल (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार) द्वारा पांच दिवसीय अंतर राज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को यूजीसी मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र नैनीताल में किया गया। बता दें कार्यक्रम में अतिथि राज्य बिहार के मुजफ्फरपुर ,समस्तीपुर,पटना व वैशाली एवं बेगूसराय से 7 -7 युवा एवं दो ग्रुप लीडर मुजफ्फरपुर से चंदन एवं वैशाली से श्वेता समेत कुल 37 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में अतिथि पालिकाध्यक्ष डॉ सरस्वती खेतवाल तथा कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के कुलपति प्रो. दीवान सिंह बिष्ट द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में राजकीय पॉलीटेनिक नैनीताल की छात्राओं ने कुमाऊं संस्कृति की प्रस्तुति देते हुए नृत्य प्रस्तुत किया।
पालिकाध्यक्ष डा.खेतवाल ने कहा कि युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा युवा आदान प्रदान कार्यक्रम का देश के युवाओं को मुखय धारा से जोडऩे में काफी महत्व है, इन्हीं कार्यक्रमों से युवाओं को भारत देश की अनेकता में एकता का संदेश मिलेगा तथा वे भारत के विभिन्न क्षेत्रों के संस्कृति से रूबरू हो पाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि १२ फ रवरी (बीरवार) को नैनीताल की नैनी झील में नि:शुल्क नौकायन सुविधा प्रतिभागियों को मिलेगी। कुविवि के कुलपति प्रो.रावत ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्व के प्राचीनतम विश्वविद्यालयों नालंदा और तक्षशिला का उल्लेख करते हुए बताया कि प्राचीन काल में भारत सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक रूप से अत्यंत समृद्ध था और हमें अपने गौरवशाली इतिहास को सदैव स्मरण रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और इस युवा शक्ति का सही उपयोग कर हम श्विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। अंत में उन्होंने प्रतिभागियों को डीएसबी परिसर स्थित संग्रहालय का भ्रमण करने की सलाह दी।
कार्यक्रम के आयोजक मेरा युवा भारत नैनीताल उप निदेशक अधिकारी श्रीमती डॉल्वी तेवतिया ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभाओं का स्वागत करते हुए पांच दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा अतिथियों के सामने प्रस्तुत की और सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए, कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप में पुष्कर दानू कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में महिला शक्ति स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता आर्य एवं श्रीमती रेणु कोहली जी द्वारा उत्तराखंड के सांस्कृतिक दारोहर एवं ऐपण के बारे में विस्तार से बताया गया और साथ ही गेरू एवं बिसवार से लक्ष्मी चौकी बना कर भी दिखाई। कार्यक्रम में आरती व अजय आदि का विशेष सहयोग रहा।




















