नैनीताल की आशा वर्कर्स ने एसडीएम नवाजिश के माध्यम से भेजा सीएम को ज्ञापन

नैनीताल ।उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल के नेतृत्व में आशा वर्कर्स के शिष्टमंडल ने आशा वर्कर्स की विभिन्न मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के सीएम पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा।ज्ञापन में आशा वर्कर्स ने पल्स पोलियो अभियान में आशा वर्कर्स को प्रतिदिन दिए जाने वाले भत्तों को कम करने का प्रबल विरोध किया।
कहा कि पल्स पोलियो अभियान में मिलने वाला प्रतिदिन का पैसा घटाने का प्रस्ताव वापस लिया जाय तथा इसको बढ़ाने का प्रावधान किया जाय। इसके अलावा आशाओं को मासिक मानदेय नियत करने व डीजी हेल्थ उत्तराखंड द्वारा आशाओं के मानदेय को ११ हजार ५०० रूपये करने को लेकर बनाए गए २०२१ के प्रस्ताव को लागू करने का आपके द्वारा खटीमा में किया गया वादा तत्काल पूरा करने, आशाओं को न्यूनतम वेतन, कर्मचारी का दर्जा व सेवानिवृत्त होने पर सभी आशाओं को अनिवार्य पेंशन का प्रस्ताव विधानसभा के इसी सत्र में पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाय। कहा कि जब तक सेवानिवृत होने वाली आशाओं को मासिक पेंशन का प्रावधान नहीं किया जाता तब तक रिटायरमेंट के समय दस लाख की एकमुश्त धनराशि दी जाय। कहा कि आशाओं को विभिन्न मदों के लिए दिए जाने वाले पैसे कई कई महीनों तक लटकाने के स्थान पर अनिवार्य रूप से हर महीने दिया जाय। आशाओं को ट्रेनिंग के दौरान प्रति दिन पांच सौ रुपए का भुगतान किया जाय। उन्होंने सभी सरकारी अस्पतालों को आशाओं के साथ समानजनक व्यवहार करने का निर्देश दिया जाय और तत्काल इसका आदेश जारी करने, सभी सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डाकटरों के खाली पदों को तत्काल भरने तथा सभी अस्पतालों में आशा घर का निर्माण करने की गुजारिश की।
ज्ञापन देने वालों में प्रेमा अधिकारी, ममता आर्या, कमला बिष्ट, भगवती शर्मा, सरिता कुरिया, नीरु पुजारी, हेमा ठठोला, गीता नैनवाल, नीलम बिष्ट, दुर्गा टमटा, चंद्रा सती,राधा रानी, हेमा जोशी, निर्मला चंद्रा, देवकी बिष्ट, कुसुमलता, सुमन बिष्ट, राधा राणा, मनीषा आर्या, दीपा अधिकारी व विमला साह आदि शामिल रही।




















