सेंट जॉन्स चर्च में नैनीताल में 1880 मे आई आपदा मे मृतकों की आत्मा की शांति के लिए हुई प्रार्थना
मृतकों को दीं कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि

नैनीताल। सरोवर नगरी में बीते गुरुवार को आज ही के दिन यानी 18 सितंबर 1880 में आलमा के पहाड़ी पर हुए भूस्खलन में मृतकों की आत्मा की शांति की प्रार्थना की गई। मृतकों की बरसी पर सेंट जॉन्स चर्च में कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। विशेष प्रार्थना सभा आयोजित कर नगर के साथ विश्व शांति की कामना की गई।
पादरी जॉन जॉर्ज मुनबर के नेतृत्व में प्रार्थना सभा आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि 1880 की आपदा को कभी भूलाया नहीं जा सकता है। उस आपदा ने नैनीताल ही नहीं बल्कि समूचे पर्वतीय क्षेत्र के लोगों में दहशत पैदा कर दी थी। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि मृतकों की आत्मा को शांति मिले और इस तरह की भयावह आपदा का कभी सामना नहीं करना पड़े। इस दौरान शेरवुड कालेज के प्रधानाचार्य अमनदीप संधु ने कहा कि वर्तमान में बादल फ टने और पहाड़ों के दरकने की घटनाएं हो रही हैं। इन घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभु से प्रार्थना करते हैं और जनमानस से पर्यावरण के प्रति सजग रहने की अपील की। कहा कि आपदाओं का कारण पर्यावरण का असंतुलन होना है। लिहाजा हमें पर्यावरण के प्रति जागरूक होना चाहिए। तभी जलवायु परिवर्तन जैसी दुश्वारियों पर अंकुश लग सकेगा। इस अवसर पर विद्यालयों के छात्रों ने श्रद्धांजलि गीत प्रस्तुत किए। श्रद्धांजलि सभा में आल सेंट्स कालेज की प्रधानाचार्य अजीना रिचर्डस, सेंट स्टीफन विद्यालय की प्रधानाचार्य वीना स्टीफ न समेत सेंट मैरी की सिस्टर मंजूषा समेत छात्र व छात्राएं मौजूद थे।




















