March 22, 2026
yyyy ppp IMG-20260114-WA0002 pp lll mkl 444 555
666 777 888

भाजपा सरकार ने पंचायती राज की संवैधानिक

0
1001416649
012 013
111 222 333

अवधारणा को कर दिया नष्ट नेता प्रतिपक्ष: यशपाल आर्य

नैनीताल सरोवर नगरी यशपाल आर्य, नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उत्तराखण्ड में भाजपा सरकार ने पंचायती राज की संवैधानिक अवधारणा को नष्ट कर दिया है। सरकार ने आरक्षण लागू करने में न पंचायती राज अधिनियम में उल्लेखित प्राविधानों का पालन किया न उच्चतम न्यायालय ओर उच्च न्यायालय के आदेशों का।
उन्होंने कहा कि एक दिन पहले सरकार के महाधिवक्ता ने उच्च न्यायालय को आश्वासन दिया था कि, वे आरक्षण के विसंगतियों पर 3 दिन के भीतर माननीय न्यायालय में सरकार की ओर से जबाव देंगे । न्यायालय में महाधिवक्ता का आश्वासन सरकार का आश्वासन होता है लेकिन सरकार ने अपना आश्वासन पूरा करने के बजाय राज्य में त्रिस्तरीय चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 2016 में कांग्रेस सरकार द्वारा उत्तराखंड के पंचायत राज एक्ट में त्रिस्तरीय पंचायत आरक्षण प्रकिया को रोटेशन प्रणाली से लागू कर प्रत्येक वर्ग को पंचायतों में प्रतिनिधित्व देने का प्रावधान किया गया था। उच्चतम न्यायालय द्वारा ओबीसी वर्ग को पंचायतों में आरक्षण दिये जाने के निर्देशों के क्रम में वर्मा आयोग की रिपोर्ट के अनुसार ओबीसी वर्ग के आरक्षण निर्धारण तो प्रथम चरण के अनुसार होना चाहिए लेकिन अन्य वर्गों के आरक्षण की प्रक्रिया 2019 के पंचायत चुनावों के बाद वर्तमान में द्वितीय चरण में रोटेशन के आधार पर होनी चाहिए थी।
श्री आर्य ने कहा कि सरकार के इस बेतुके निर्णय से एक ही सीट तीसरी अथवा चैथी बार एक ही वर्ग के लिए आरक्षित हो गई है। ऐसे में किसी एक वर्ग के लोगों को एक जीवन में प्रतिनिधत्व ही नहीं मिलेगा। जबकि पंचायतों में आरक्षण की मूल धारणा के अनुसार हर पांच वर्षों में रोटेशन के आधार पर प्रत्येक वर्ग महिला, पुरुष, एससी, ओबीसी, एसटी को प्रतिनिधित्व दिये जाने का प्रावधान है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आरक्षण तय करने में सरकार को उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार पुराने रोस्टर को ही आगे बढ़ाते हुए पिछड़े वर्ग को शून्य से आरक्षण देना था लेकिन सरकार ने पंचायतों के हर स्तर के लिए अलग फार्मूला तय किया है, जो असंवैधानिक है।
श्री आर्य ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी द्वारा पंचायत राज संबंधी संवैधानिक सुधारों की मूल भावना यह थी कि , समाज के हर वर्ग को रोस्टर के अनुसार प्रतिनिधत्व मिले लेकिन उत्तराखंड में अपने चहेते लोगों को रेवड़ी बांटने के लिए सरकार ने इस भावना को तार तार कर दिया है।

999 010 011 zzz

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *